उत्तर प्रदेश के 9 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अब महज कुछ दिन और बाकी रह गए हैं,
उससे पहले प्रदेश में सियासी तपिश बढ़ गई है. इस बार सबकी नजर मीरापुर विधानसभा सीट पर टिकी हुई हैं. मीरापुर उपचुनाव 15 साल पुरानी कहानी को दोहराता हुआ नजर आ रहा है.मीरापुर सीट पर सभी दलों ने प्रत्याशित घोषित करते हुए यहां के पुराने सियासी समीकरणों पर पन्ने पलटे जाने लगे. यहां के चुनाव में इस बार कुछ किरदार नए हैं तो कुछ पुराने हैं, लेकिन मीरापुर का एक सियासी परिवार इस समय केंद्र बिंदु में है. इसी की वजह से यहां मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है सियासत के इतिहास के पन्नों पर नजर डालें, तो 15 साल पहले मीरापुर विधानसभा सीट 2009 में मोरना विधानसभा के नाम से जानी जाती थी 2007 के विधानसभा चुनाव में कादिर राणा मोरना से विधायक चुने गए थे और 2009 के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी ने कादिर राणा को मुजफ्फरनगर लोकसभा प्रत्याशी बनाया और कादिर राणा सांसद निर्वाचित हुए. यह सीट खाली हुई तो कादिर राणा ने अपने भाई नूर सलीम राणा को मोरना विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतार दिया, जहां उनका मुकाबला रालोद प्रत्याशी मिथलेश पाल से हुआ.उपचुनाव में मिथलेश पाल ने नूर सलीम राणा को
शिकस्त दी. इस बार फिर मिथलेश पाल रालोद से मैदान में हैं, तो इस बार कादिर राणा की पुत्रवधु सुम्बुल राणा उनके सामने चुनावी मैदान में हैं. मीरापुर सीट पर एक बार फिर मिथलेश पाल का मुकाबला राणा परिवार से होने जा रहा है.
मीरापुर विधानसभा सीट पर सपा की सुम्बुल राणा की जीत का दावा काफी हद तक मजबूत है.
रालोद बीजेपी प्रत्याशी मिथलेश पाल भी खुद की जीत का दावा कर रहीं है. दूसरी तरफ बीएसपी प्रत्याशी शाह नजर और आजाद समाज पार्टी प्रत्याशी जाहिद हसन भी यहां से ताल ठोंक रहे हैं.
एआईएमआईएम ने मीरापुर सीट से अरशद राणा को अपना प्रत्याशी बनाया है.
ये सभी प्रत्याशी जीत का दावा कर रहे हैं जीत का सेहरा किसके सर बंधेगा यह मीरापुर की जनता तय करेगी.
हजरतगंज चौराहा पर लखनऊ में आर एल डी विधायक मदन भैया ने भंडारे का किया आयोजन ॥ डी पी सिंह बैंसला संवाददाता ॥ आज दिनांक 21 मार्च 2024 को राष्ट्रीय लोकदल खतौली मुजफ्फरनगर से विधायक मदन भैया ने हजरतगंज चौराहे पर विधानसभा हाउस के सामने एक धार्मिक अनुष्ठान करते हुए यज्ञ हवन भंडारे का आयोजन किया । मदन भैया ने कहा यह जीवन इसी प्रकार आता है चला जाता है जीवन में धर्म धार्मिकता का महत्व है । यज्ञ भंडारे कर्मकांड चलते रहने चाहिए । नर नारीयो को धर्म के लक्षणों को जीवन मे अपनाना चाहिए । ग्रहस्थ जीवन मे सभी संकटों का रास्ता धर्म से होकर जाता है । मदन भैया ने चौराहे पर खड़ा होकर प्रसाद का वितरण किया और धर्म लाभ उठाया
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