सावधान सावधान मुज़फ्फरनगर में एक बार फिर सक्रिय हुए दलाल चंद रुपये ऐंठने के चक्कर मे लोगो के खिलाफ दिलवाए जा रहे है झूठे प्रार्थना पत्र
सावधान सावधान मुज़फ्फरनगर में एक बार फिर सक्रिय हुए दलाल
चंद रुपये ऐंठने के चक्कर मे लोगो के खिलाफ दिलवाए जा रहे है झूठे प्रार्थना पत्र
रुपए कमाने के चक्कर में दलालो द्वारा पुलिस थानों में दिलवाए जा रहे है झूठे प्रार्थना
झूठे प्रार्थना पत्र दिलवाकर दलालों द्वारा जमकर की जा रही है जेब गर्म
मुज़फ्फरनगर में एक बार फिर दलालो का बोल बाला
जनपद मुजफ्फरनगर में आए दिन दलालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है
दरअसल आपको बता दें कि मामला बीते दिन का है जब एक दलाल द्वारा एक कु कर्म के मामले को लेकर नगर कोतवाली में एक प्रार्थना पत्र दिलवाया गया
और पुलिस पर दबाव बनाने के लिए प्रार्थना पत्र व खबर को जमकर वायरल किया गया खबर वायरल होने के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने इस पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए इस मामले में कार्रवाई शुरू की ही थी के दलाल द्वारा आरोपी बने पक्ष को डराया धमकाया गया जिसके बाद आरोपी बने पक्ष ने मुकदमे के डर से दलाल की शर्त मान ली
यानी हुआ वही जो दलाल चाहता था सूत्रों की माने तो आरोपी बने पक्ष से दलाल द्वारा मोटी रकम वसूली गयी
दलाल द्वारा इस कार्य को इतनी सफाई से किया गया कि कोतवाली पुलिस को इस पूरे मामले की भनक तक नहीं लगी कि आखिर पूरा मामला है क्या लेकिन चंद ही घंटों में समझौता होने के बाद पुलिस को यह पूरा मामला समझ आ गया क्योंकि दलाल द्वारा ही इस पूरे मामले में एक प्रार्थना पत्र दिलवाया गया था और पुलिस को इस पूरे मामले में सख्त से सख्त कार्यवाही करने की गुहार लगाई गई थी लेकिन जब पुलिस द्वारा इस पूरे मामले में कार्रवाई शुरू की गई तो दलाल द्वारा चंद ही घंटों में इस पूरे मामले में अपनी जेब गर्म कर फैसला करा दिया गया
लेकिन क्या इस पूरे मामले में पीड़ित को इंसाफ मिला अगर मामले में सच्चाई थी और पुलिस पर इस मामले में कार्रवाई करने का भी दबाव बनाया गया था या अपील की गई थी तो इतनी जल्दी समझौता आखिर हुआ क्यो क्या पैसे के लिए ही तो नही दबाव बनाया जा रहा था
क्या पीड़ित को इंसाफ मिला
आज काफी दिन बाद एक खबर लिखने का मन हुआ इस खबर को लिखने का मकसद केवल एक ही था कि आखिर अगर अपराध हुआ है तो अपराधी को सजा क्यों नहीं मिल पाई पुलिस अपराधी के खिलाफ जब जांच पड़ताल की बात कह रही थी तो उस समय एक दलाल ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर इस मामले में हर संभव प्रयास किया कि इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई हो लेकिन पुलिस ने जैसे ही इस पूरे मामले पर अपनी कार्रवाई शुरू की तो
चंद घंटो बाद ही आरोपी बना पक्ष दबाव में आ गया और जेल जाने के डर से आरोपी बने पक्ष ने पीड़ित पक्ष की बात मान ली जिसमें चंद घंटों बाद ही दलाल द्वारा एक समझौता लिखवा कर संबंधित थाने में जमा करा दिया गया पुलिस चाहती तो समझौते को इनकार भी कर सकती थी लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना चाहती जिससे पुलिस की छवि पर किसी भी तरह का कोई दाग लगे या कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो लेकिन सवाल यह है कि इस मामले में जब 100 प्रतिशत सच्चाई थी तो आखिर इस मामले में चंद ही घंटों में पीड़ित पक्ष ने समझौता क्यों किया पुलिस जांच कर कार्यवाही की बात कह रही थी तो पीड़ित पक्ष पुलिस पर आरोप जड़ रहा था कि पुलिस कार्यवाही करने में ढील बरत रही है लेकिन जब पुलिस ने सख्त रुख अपनाया तो दलाल द्वारा चंद घंटों में ही समझौता करा दिया गया
आरोपी को जेल भिजवाने का ढोल पीटने वाले अब आखिर चले कहा गए या बस सब कमाई का ही सारा खेल था पत्रकार जब खबर चलाते हैं तो उनसे 100 सवाल किए जाते हैं लेकिन दलालों का बोलबाला है दलालों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों अमल में नहीं लाई जाती अगर एक दलाल पर कार्यवाही होगी तो 10 दलालों में हड़कंप मचेगा और झूठी तहरीर दिलवाने के लिए 10 बार सोचेंगे
मुजफ्फरनगर जनता से अपील ऐसे दलालों से सावधान रहे किसी के भी खिलाफ झूठा प्रार्थना पत्र दिलवा कर कार्रवाई करा सकते हैं इन दलालों का कार्यवाही कराने का भी कोई मकसद नहीं होता है इन दलालों का मकसद केवल व केवल अपनी जेब गर्म करना होता है या एक अच्छी छवि के इंसान की छवि को धूमिल करना होता है ऐसे दलालों से सावधान रहें और मुजफ्फरनगर पुलिस से भी अपील है कि इस तरह के दलालों की पूरी तरह से पुलिस थानों में एंट्री पर रोक लगाई जाए
और कु कर्म बलात्कार जैसे मामलों में निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की जाए इस तरह के मामलों में पुलिस सख्त से सख्त कार्यवाही करे क्योकि इस तरह के अपराधी को टाइम से सबक मिल जाये तो अन्य अपराधियो की भी आँख खुलती है वरना समझौता हुआ न आरोपी को सजा मिली और न पीड़ित को इंसाफ
दलाल के इतिहास की अगर बात करे तो यह दलाल कुछ ही महीनों में रोड पति से करोड़ पति कैसे बन गया यह जांच का विषय है
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