जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक का आयोजन नीरज गौतम जनपद शामली जिला अधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक का आयोजन कलक्ट्रेट सभागार में किया गया।आयोजित बैठक में जनपद में कृषक उत्पादक संगठन (एफ०पी०ओ०)के नियमानुसार गठन की प्रक्रिया एवं संचालन आदि के विषय में विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए विभाग में संचालित योजनाओं का कैसे लाभ लिया जा सकता है पर चर्चा की गई।बैठक में अभिषेक श्रीवास्तव जिला विकास प्रबन्धक नाबार्ड द्वारा सभी एफ०पी०ओ० को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है,ताकि सदस्यों के अन्दर विश्वास पैदा किया जा सके तथा सदस्यों से शेयर कैपिटल निर्धारित कर बैंक के चालू खाते में जमा कराये,एफ०पी०ओ० का जी०एस०टी० तथा एफ0एस०एस०ए०आई० में पंजीकरण कराने के विषय में विस्तृत चर्चा की गयी।टील फारमर्स कम्पनी ली० ईस्सोपुर टील के डायरेक्टर मंजर अब्बास द्वारा मतस्य विभाग से आवंटित तालाब/ जल क्षेत्र में एफ०पी०ओ० को शामिल किया जाये. एवं बासमती चावल में नमी टैस्टीग में आ रही कठिनाईयों पर चर्चा की साथ ही बैठक में औषधिय पोधों की खेती पर भी कार्य करना होगा, इस कार्य में एफ0पी०ओ बोर्ड की सहभागिता भी आवश्यक है.तभी एफ०पी०ओ० का संचालन सही तरीके से हो सकता है,हमारे एफ०पी०ओ० द्वारा कृषि विभाग से 80 प्रतिशत अनुदान पर फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किया गया है, जिससे गेंहू कटाई व अन्य कृषि कार्य किये जा रहे हैं।बैठक में जिला उद्यान अधिकारी डॉ० हरित कुमार द्वारा फल, सब्जियों,जैविक गुड़ शक्कर,आदि का एक जनपद एक उत्पाद में पंजीकरण कराने तथा एफ०पी०ओ० को 10 प्रतिशत कैपिटल की व्यवस्था स्वय करने, बाकि बैंक से समन्वय स्थापित कर ऋण से पैकेजिंग मशीनें स्थापित करने पर चर्चा की। बैठक सी०बी०बी०ओ० के प्रतिनिधि द्वारा एफ०पी०ओ० के गठन में सदस्यों के शेयर गाँव के चयन, कृषक, चयन तथा एफ०पी०ओ० के सदस्यों के सदस्यता शुल्क व्यवसायिक क्रिया कलापों को बढ़ावा देने एवं एफ०पी०ओ० गठन की प्रगति पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई तथा जानकारी दी गयी ऊन, कैराना, थानाभवन में कम्पनी एक्ट के अन्तर्गत किया गया है। बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ शिव कुमार केसरी द्वारा सभी एफ०पी०ओ० से आग्रह किया कि एफ०पी०ओ० से जोड़े गये सदस्यों की सूची कार्यालय को उपलब्ध कराये तथा उनकी मासिक बैठक निर्धारित करें, बैठक में सम्बंधित अधिकारी भी प्रतिभाग करेगें तथा एफ०पी०ओ० को उच्च कोटि के उत्पाद तैयार करने हेतु सुझाव दिया, जिससे आपके उत्पादों को अच्छी मार्केटिंग उपलब्ध हो सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सी०बी०बी०ओ० के प्रतिनिधि के क्रिया कलापों पर रोष व्यक्त करते हुए,यह निर्देश दिये कि भविष्य में इनके द्वारा सही तरीके से काम नहीं किया जाता है, तो इनके स्थान पर अन्य किसी को नियुक्त करने का प्रस्ताव कराये जाये। जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि एफ०पी०ओ० को आगे बढ़ने के लिये कृषि विभाग के मार्गदर्शन में गुड एवं सब्जी से आगे बढ़कर किसी नये क्षेत्र में भी कार्य करें।बैठक में मुख्य रूप से अरूण कुमार मण्डी सचिव, अमित कुमार जिला कृषि रक्षा अधिकारी, विजय बहुदर सिंह जिला गन्ना अधिकारी, डॉ० हरी शंकर जिला कृषि अधिकरी, डॉ सुबोध कुमार पशु चिकित्साधिकारी राजवीर सिंह सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता शामली आदि उपस्थित रहे।बैठक में उप कृषि निदेशक/ सचिव डी०एम०सी० द्वारा सभी सदस्यों को यह भी अवगत कराया की योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस योजना को एक जिला एक उत्पाद से भी जोड़े जाने की आवश्यकता है तथा बैंको से एफ०पी०ओ० को सहायता करने का भी अनुरोध किया गया, जिसके उपरान्त डा० शिव कुमार केसरी उप कृषि निदेशक शामली द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया।
जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक का आयोजन
नीरज गौतम
जनपद शामली जिला अधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक का आयोजन कलक्ट्रेट सभागार में किया गया।आयोजित बैठक में जनपद में कृषक उत्पादक संगठन (एफ०पी०ओ०)के नियमानुसार गठन की प्रक्रिया एवं संचालन आदि के विषय में विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए विभाग में संचालित योजनाओं का कैसे लाभ लिया जा सकता है पर चर्चा की गई।बैठक में अभिषेक श्रीवास्तव जिला विकास प्रबन्धक नाबार्ड द्वारा सभी एफ०पी०ओ० को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है,ताकि सदस्यों के अन्दर विश्वास पैदा किया जा सके तथा सदस्यों से शेयर कैपिटल निर्धारित कर बैंक के चालू खाते में जमा कराये,एफ०पी०ओ० का जी०एस०टी० तथा एफ0एस०एस०ए०आई० में पंजीकरण कराने के विषय में विस्तृत चर्चा की गयी।टील फारमर्स कम्पनी ली० ईस्सोपुर टील के डायरेक्टर मंजर अब्बास द्वारा मतस्य विभाग से आवंटित तालाब/ जल क्षेत्र में एफ०पी०ओ० को शामिल किया जाये. एवं बासमती चावल में नमी टैस्टीग में आ रही कठिनाईयों पर चर्चा की साथ ही बैठक में औषधिय पोधों की खेती पर भी कार्य करना होगा, इस कार्य में एफ0पी०ओ बोर्ड की सहभागिता भी आवश्यक है.तभी एफ०पी०ओ० का संचालन सही तरीके से हो सकता है,हमारे एफ०पी०ओ० द्वारा कृषि विभाग से 80 प्रतिशत अनुदान पर फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किया गया है, जिससे गेंहू कटाई व अन्य कृषि कार्य किये जा रहे हैं।बैठक में जिला उद्यान अधिकारी डॉ० हरित कुमार द्वारा फल, सब्जियों,जैविक गुड़ शक्कर,आदि का एक जनपद एक उत्पाद में पंजीकरण कराने तथा एफ०पी०ओ० को 10 प्रतिशत कैपिटल की व्यवस्था स्वय करने, बाकि बैंक से समन्वय स्थापित कर ऋण से पैकेजिंग मशीनें स्थापित करने पर चर्चा की। बैठक सी०बी०बी०ओ० के प्रतिनिधि द्वारा एफ०पी०ओ० के गठन में सदस्यों के शेयर गाँव के चयन, कृषक, चयन तथा एफ०पी०ओ० के सदस्यों के सदस्यता शुल्क व्यवसायिक क्रिया कलापों को बढ़ावा देने एवं एफ०पी०ओ० गठन की प्रगति पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई तथा जानकारी दी गयी ऊन, कैराना, थानाभवन में कम्पनी एक्ट के अन्तर्गत किया गया है। बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ शिव कुमार केसरी द्वारा सभी एफ०पी०ओ० से आग्रह किया कि एफ०पी०ओ० से जोड़े गये सदस्यों की सूची कार्यालय को उपलब्ध कराये तथा उनकी मासिक बैठक निर्धारित करें, बैठक में सम्बंधित अधिकारी भी प्रतिभाग करेगें तथा एफ०पी०ओ० को उच्च कोटि के उत्पाद तैयार करने हेतु सुझाव दिया, जिससे आपके उत्पादों को अच्छी मार्केटिंग उपलब्ध हो सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सी०बी०बी०ओ० के प्रतिनिधि के क्रिया कलापों पर रोष व्यक्त करते हुए,यह निर्देश दिये कि भविष्य में इनके द्वारा सही तरीके से काम नहीं किया जाता है, तो इनके स्थान पर अन्य किसी को नियुक्त करने का प्रस्ताव कराये जाये। जिलाधिकारी द्वारा यह भी निर्देश दिये गये कि एफ०पी०ओ० को आगे बढ़ने के लिये कृषि विभाग के मार्गदर्शन में गुड एवं सब्जी से आगे बढ़कर किसी नये क्षेत्र में भी कार्य करें।बैठक में मुख्य रूप से अरूण कुमार मण्डी सचिव, अमित कुमार जिला कृषि रक्षा अधिकारी, विजय बहुदर सिंह जिला गन्ना अधिकारी, डॉ० हरी शंकर जिला कृषि अधिकरी, डॉ सुबोध कुमार पशु चिकित्साधिकारी राजवीर सिंह सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता शामली आदि उपस्थित रहे।बैठक में उप कृषि निदेशक/ सचिव डी०एम०सी० द्वारा सभी सदस्यों को यह भी अवगत कराया की योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस योजना को एक जिला एक उत्पाद से भी जोड़े जाने की आवश्यकता है तथा बैंको से एफ०पी०ओ० को सहायता करने का भी अनुरोध किया गया, जिसके उपरान्त डा० शिव कुमार केसरी उप कृषि निदेशक शामली द्वारा सभी का धन्यवाद किया गया।
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