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श्रीराम काॅलेज में आन्तरिक गुणवत्ता सुनश्चयन प्रकोष्ठ द्वारा शिक्षकों के शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

 


श्रीराम काॅलेज में आन्तरिक गुणवत्ता सुनश्चयन प्रकोष्ठ द्वारा शिक्षकों के शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सरकार एवं प्रशासन द्वारा कोविड-19 से संबंधित जारी दिशा-निर्देशो का पालन करते हुए किया गया। कार्यशाला का विषय ‘उच्च शिक्षा में गुणवत्ता वृद्धि’ रहा। कार्यशाला मंे श्रीराम ग्रुप आॅफ काॅलिजेज के संस्थापक चेयरमेन डाॅ0 एस0सी0 कुलश्रेष्ठ, श्रीराम काॅलेज के निदेशक डाॅ0 आदित्य गौतम व श्रीराम काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग के निदेशक डाॅ0 आलोक गुप्ता, डाॅ0 विनीत कुमार शर्मा, डीन एकेडमिक्स मुख्यवक्ता


रहे।


  कार्यशाला में वक्ताओं ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद ;छ।।ब्द्ध के महत्वपूर्ण बिन्दुओं एवं मुख्य संकेतकों पर बारीकी से प्रकाश डाला। परिचर्चा के दौरान नैक मूल्यांकन की अद्यावधिक प्रक्रिया से उपस्थित सभी विभागो के विभागाध्यक्षो एवं प्रवक्ताओं को अवगत कराया गया। कार्यशाला में प्रतिभागियों द्वारा नैक प्रक्रिया से सम्बन्धित समस्याओं एवं चुनौतियों से संबंधित सुझाव एवं उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।


 


डाॅ0 एस0सी0कुलश्रेष्ठ, चेयरमेन, श्रीराम ग्रुप आॅफ काॅलिजेज ने कार्यक्रम की सफलता के लिये अपनी शुभकामनाएं देते हुये उच्च शिक्षण संस्थाओं में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिये नैक मूल्यांकन की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि हमारे महाविद्यालय को नैक मूल्यांकन में ‘ए’ ग्रेड मान्यता मिली हुई है जो अपने आप में उच्च शिक्षण संस्थानो की श्रेणी में हमारे महाविद्यालय को विशिष्टता प्रदान करती है। उन्होने उपस्थित सभी संस्था सदस्यो का आहवान करते हुए कहा कि नैक मूल्यांकन के अगले चरण में भी हम सब एकजुटता के साथ ‘ए-प्लस’ ग्रेड प्राप्त करने के लिए अग्रसर होगे। साथ ही कार्यशाला के आयोजन के उद्देश्य के सम्बन्ध में बताते हुए इस कार्यशाला से समस्त प्रतिभागीगण को नैक मूल्यांकन प्रक्रिया को भली-भाँति समझने का अवसर मिलेगा। डाॅ0 कुलश्रेष्ठ ने बताया कि मूल्यांकन एवं प्रत्यायन को मूलतः किसी भी शैक्षिक संस्था की ‘गुणवत्ता की स्थिति’ को समझने के लिए प्रयोग किया जाता है। वास्तव में यह मूल्यांकन यह निर्धारित करता है कि कोई भी शैक्षिक संस्था या विश्वविद्यालय प्रमाणन एजेंसी के द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के मानकों को किस स्तर तक पूरा कर रहा है।


इस मौके पर श्रीराम काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग के निदेशक डाॅ0 आलोक गुप्ता ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद ;छ।।ब्द्ध को शिक्षण संस्थान के लिये आवश्यक बताते हुये कहा कि यह एक ऐसा संस्थान है जो भारत के उच्च शिक्षा एवं अन्य शिक्षा संस्थानों के आंकलन तथा प्रत्यायन का कार्य शैक्षिक प्रक्रियाओं में संस्था का प्रदर्शन, पाठयक्रम चयन एवं कार्यान्वयन, शिक्षण अधिगम एवं मूल्यांकन तथा छात्रों के परिणाम, संकाय सदस्यांे का अनुसंधान कार्य एवं प्रकाशन, बुनियादी सुविधायें, संसाधनों की स्थिति, संगठन, प्रशासन व्यवस्था, आर्थिक स्थिति तथा छात्र सेवाओं आदि मानदंडों के आधार पर करती है। साथ ही संस्थान को उसकी गुणवत्ता के आधार पर ग्रेड प्रदान करती है। 


श्रीराम काॅलेज के निदेशक डाॅ0 आदित्य गौतम ने कहा कि नैक ने उच्च शिक्षा संस्थानों की कार्य-पद्धति और संगठनात्मक लक्ष्य पर आधारित मानदण्डों के तहत विभिन्न प्रकार के अधिभार निर्दिष्ट किए गए हैं। नैक ने मूल्यांकन एवं प्रत्यायन के आधार के रूप में 7 मानदण्डों को चिन्हित किया है जोकि पाठ्यक्रम के पहलू, अध्ययन-अध्यापन तथा मूल्यांकन, शोध, नवोन्मेष तथा विस्तार, मूलभूत सुविधाएँ एवम् अध्ययन के संसाधन, छात्र सहयोग तथा विकास, संचालन, नेतृत्व एवं प्रबंधन, संस्थानिक मूल्य और सर्वश्रेष्ठ परम्पराएँ है। मापदण्डों के अन्तर्गत मिलने वाले सभी मुख्य संकेतकों के अंकों को मिलाकर उन पर यथोचित अधिभार लगाया जाता है और कसौटी के अनुसार जीपीए किया जाता है। अन्तिम मूल्यांकन के परिणाम संचयी जीपीए (सीजीपीए) को सात मापदण्डों में से संबंधित जीपीए में से उचित अधिभार के अनुसार गणना की जाती है तथा संस्थानों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है - ए, बी, सी और डी। ये क्रमशः सर्वोत्कृष्ट, उत्कृष्ट, समाधानपरक और असामाधानपरक को दर्शाते हैं।


कार्यशाला के अन्त में आन्तरिक गुणवत्ता सुनश्यचन प्रकोष्ठ के समन्वयक डाॅ0 विनीत कुमार शर्मा ने महाविद्यालय में आगामी नैक मूल्यांकन को दृष्टिगत रखते हुए सभी शिक्षकों से इस दिशा में अपना सर्वोत्तम सहयोग देने का आहवान किया तथा कार्यशाला में उपस्थित होने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।


इस अवसर पर डाॅ0 प्रेरणा मित्तल, प्राचार्य श्रीराम काॅलेज, डाॅ0 रविन्द्र प्रताप सिंह, प्राचार्य श्रीराम काॅलेज आॅफ लाॅ, डाॅ0 मनोज धीमान, प्राचार्य, श्रीराम गल्र्स काॅलेज, पंकज शर्मा डीन मैनेजमेन्ट सहित श्रीराम काॅलेज के सभी डीन, विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। 


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