Skip to main content

26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए क्यों महत्वपूर्ण है आखिर 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस* 

*26 जनवरी का दिन हर भारतीय के लिए क्यों महत्वपूर्ण है आखिर 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस* 


एक बार फिर से हम गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं गणतंत्र पर झंडा फहराने के साथ हम गर्व तो महसूस करते ही है लेकिन इस बार अपने बच्चों को इसके बारे में विस्तार से बताइए स्कूल में उनके टीचर तो बताते ही होंगे लेकिन गणतंत्र दिवस पर अपने बच्चों को तिरंगे झंडे के बारे में भी विस्तार से बताइए  साथ ही यह भी बताइए कि गणतंत्र दिवस क्यों देश का सबसे बड़ा पर्व है तिरंगा हमारा नेशनल फ्लैग है देश का प्रतीक है राष्ट्र का प्रतीक है और स्वाधीनता का प्रतीक है स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस को झंडा फहराने के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि इसके जरिए हम यह संदेश देते हैं कि हम संप्रभु राष्ट्र है संप्रभु राष्ट्र का मतलब यह हुआ कि हम अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं हमारे ऊपर किसी दूसरे का नियंत्रण नहीं है हमारे ऊपर हमारे संविधान का निमंत्रण है गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है आपको बता दें 1950 में 26 जनवरी के दिन ही भारत सरकार अधिनियम 1935 को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था 26 जनवरी 1950 को सुबह 10:00 बजे भारत एक  गणतंत्र बना इसके 6 मिनट बाद राजेंद्र प्रसाद ने भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी इस दिन पहली बार बतौर राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद बग्गी पर बैठकर राष्ट्रपति भवन से निकले थे इस दिन पहली बार उन्होंने भारतीय सैन्य बल की सलामी ली थी पहली बार उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था बता दें कि एक स्वतंत्र गणराज्य बनने के लिए संविधान 26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जवाहरलाल नेहरू डॉ राजेंद्र प्रसाद सरदार बल्लभ भाई पटेल मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में हमारे देश का संविधान लिखा गया जिसे लिखने में पूरे 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे आपको बता दें कि पूर्ण स्वराज दिवस 26 जनवरी 1930 को ध्यान में रखते हुए भारतीय संविधान 26 जनवरी को लागू किया गया था गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति तिरंगा  फहराते हैं 26 जनवरी का दिन भारत के इतिहास में विशेष महत्व रखता है इस दिन  कई ऐतिहासिक घटनाएं हुई थी साल 1929 में दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ इस अधिवेशन में प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कियदि अंग्रेज सरकार द्वारा 26 जनवरी  1930 तक भारत को डोमिनियन का दर्जा नहीं दिया गया तो भारत को पूर्ण रूप से स्वतंत्र देश घोषित कर दिया जाएगा जब अंग्रेज सरकार ने कुछ नहीं किया तब कांग्रेस ने 26 जनवरी 1930 को भारत को पूर्ण स्वराज घोषित कर दिया भारत की आजादी के बाद संविधान सभा की घोषणा की गई जिसने अपना कार्य 9 दिसंबर 1947 से शुरू किया   अनेक सुधारो और बदलाव के बाद संविधान सभा के 308 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किए इसके 2 दिन बाद संविधान 26 जनवरी को देश भर में लागू हो गया 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई इसलिए 26 जनवरी को हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है इस दिन भारत एक संपूर्ण गणतंत्र देश बन गया था देश को गौरवशाली गणतंत्र राष्ट्र बनाने में जिन देशभक्तों ने अपना बलिदान दिया अपने प्राणों की बाजी लगाकर इस देश को अंग्रेजों की जंजीरों से आजाद कराया उन्हें 26 जनवरी के दिन याद किया जाता है और उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती है 26 जनवरी को स्कूलों में तरह-तरह के  रंगारंग कार्यक्रम व देशभक्ति गीतों को प्रस्तुत किया जाता है इस दिन भारत के राष्ट्रपति तिरंगा फहराते हैं


 


Comments

Popular posts from this blog

हजरतगंज चौराहा पर लखनऊ में आर एल डी विधायक मदन भैया ने भंडारे का किया आयोजन ॥

हजरतगंज चौराहा पर लखनऊ में आर एल डी विधायक मदन भैया ने भंडारे का किया आयोजन ॥ डी पी सिंह बैंसला संवाददाता ॥ आज दिनांक 21 मार्च 2024 को राष्ट्रीय लोकदल खतौली मुजफ्फरनगर से विधायक मदन भैया ने हजरतगंज चौराहे पर विधानसभा हाउस के सामने एक धार्मिक अनुष्ठान करते हुए यज्ञ हवन भंडारे का आयोजन किया । मदन भैया ने कहा यह जीवन इसी प्रकार आता है चला जाता है जीवन में धर्म धार्मिकता का महत्व है । यज्ञ भंडारे कर्मकांड चलते रहने चाहिए । नर नारीयो को धर्म के लक्षणों को जीवन मे अपनाना चाहिए । ग्रहस्थ जीवन मे सभी संकटों का रास्ता धर्म से होकर जाता है । मदन भैया ने चौराहे पर खड़ा होकर प्रसाद का वितरण किया और धर्म लाभ उठाया

भाजपा सरकार में जंहा बेटी सुरक्षा की बात की जाती है तो वंही चार दरिंदो ने एक नाबालिग किशोरी के साथ किया बलात्कार

भाजपा सरकार में जंहा बेटी सुरक्षा की बात की जाती है तो वंही चार दरिंदो ने एक नाबालिग किशोरी के साथ किया बलात्कार पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज आरोपी योगी की पुलिस की पकड़ से बाहर मुज़फ्फरनगर! जनपद के छपार थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दिलज सहमा देने वाली वारदात सामने आई है जिसको लेकर पीड़ित किशोरी के पिता ने बीते 19 अप्रैल की घटना का हवाला देते हुए थाना छपार पुलिस को लिखित शिकायत में बताया था कि उसकी पुत्री को गांव के ही चार लड़के अयान पुत्र मतलूब, हारिस पुत्र मोसिन, अरसलान पुत्र नोशाद, दानिश पुत्र उसमान ने मिलकर प्रार्थी की लड़की को मतलूब के मकान में बंद करके गैंगरेप किए जाने का प्रयास किया है। और अश्लील हरकतों को अंजाम दिया, पीड़ित ने लिखित शिकायत में यह भी बताया कि उसकी पुत्री की उक्त युवकों ने अश्लील फोटो भी खिंचे, और पीड़ित किशोरी को धमकी दी कि अगर तुमने परिवार वालो को यह सब बताया तो तेरे गंदे फ़ोटो वायरल कर देंगे! उक्त प्रकरण में थाना छपार पुलिस ने गंभीर धारा 511, 376, 354, 323, में मुकदमा दर्ज किया गया! मगर 5 दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक योगी की पुलिस के हाथ आरो...

थाना चिलकाना में तैनात एस एस आई करन नागर द्वारा पुलिस का सराहनीय कार्य*

*थाना चिलकाना में तैनात एस एस आई करन नागर द्वारा पुलिस का सराहनीय कार्य* *एक बुजुर्ग व्यक्ति प्रतिदिन अपने घर गांव सीकरी से बाला सुंदरी देवी मंदिर चिलकाना दूरी करीब ढाई तीन किलोमीटर लाठी के सहारे पैदल चलकर जाते हैं सड़क पर पूरी रात हैवी ट्रैफिक चलता है। रात्रि में देखा गया की करन नागर उस बुजुर्ग व्यक्ति के साथ कुछ कर रहे हैं पास जाकर देखा तो उनके साथ कोई अनहोनी घटना ना घटे करन नागर ने पहले से ही बाजार से रिफ्लेक्ट खरीद कर गांव पटनी में इनके आने का इंतजार किया तो यह व्यक्ति समय करीब 2:30 बजे आते दिखाई दिए जिनको रोक कर इनकी सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाठी व पीछे जूतो पर रिफ्लेक्टर लगाये गये जिससे पीछे आते जाते वाहनों को दिखाई दे सके। इनकी सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए चिलकाना पुलिस का प्रयास*