संविधान दिवस के अवसर पर स्कूल आफ लॉ, एमवीएन विश्वविद्यालय, पलवल में लोकतंत्र के सजग रक्षक के रूप में संविधान दिवस का आयोजन किया गया।
एक विधान एक देश का सूत्रधार: संविधान
पलवल आज 26 नवंबर 2019
हृदयेश सिंह
संविधान दिवस के अवसर पर स्कूल आफ लॉ, एमवीएन विश्वविद्यालय, पलवल में लोकतंत्र के सजग रक्षक के रूप में संविधान दिवस का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ जे वी देसाई, कुलसचिव डॉ राजीव रतन, विधि संकायाध्यक्ष डॉ इश्तियाक अहमद, विधि विभागाध्यक्ष डॉ राहुल वार्ष्णेय एवं विशेष अतिथि डॉ पवन शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित करके किया गया।
डॉ देसाई ने संविधान की महत्ता के बारे में बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान 26 नवंबर 1949 को अधिनियमित एवं अंगीकृत किया गया तथा यह पूर्ण रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ। इसी उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा मई 2015 में डॉ बी आर अंबेडकर के 125 वें वर्षगांठ के अवसर पर प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर रजिस्ट्रार, डॉ राजीव रतन ने संविधान द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार एवं मूल कर्तव्य के बारे में बताते हुए कहा कि भारतीय संविधान द्वारा सभी व्यक्तियों को समानता का अधिकार प्राप्त है एवं विधायिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका संविधान से ही शक्तियां प्राप्त करते हैं।
कार्यक्रममें संकायाध्यक्ष डॉ इश्तियाक अहमद ने कहा कि संविधान किसी भी राष्ट्र का पवित्र दस्तावेज होता है जिसको लोकतांत्रिक राष्ट्र के सभी नागरिकों द्वारा पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास के साथ अपनाया जाता है।
इसी क्रम में विभागाध्यक्ष डॉ राहुल वार्ष्णेय ने बताया कि संविधान विधि का जनक एवं शक्तियों का स्रोत है, जिसमें दी गयी शक्तियों के अनुसार ही अन्य सभी कानूनों का पालन कराया जाता है।
इस अवसर पर डॉ पवन शर्मा ने वर्तमान समय के सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए राम मंदिर एवं सबरीमाला मंदिर के निर्णय के आधार पर बताया कि हमारे हितों की सुरक्षा संविधान के द्वारा ही संभव हो रही है।
विधि प्रवक्ता अजय कुमार ने कहा कि सविनय अवज्ञा, असहयोग एवं सत्याग्रह को त्याग कर विधि के शासन की स्थापना करनी चाहिए जिससे राष्ट्र की सुचारू प्रगति सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर विधि प्रवक्ता डॉ अन्नू बहल मेहरा ने संविधान के मूल अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान द्वारा दिए गए संवैधानिक उपचार एवं रिट के बारे में प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विधि प्रवक्ता दुष्यंत सिंह एवं प्रेरणा सिंह द्वारा संविधान की प्रस्तावना का पाठ सभी उपस्थित विशिष्ट अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के साथ किया गया। कार्यक्रम के अंत में विधि प्रवक्ता डॉ रामवीर सिंह ने सभी विशिष्ट अतिथियों , संकयाध्यक्षों, विधि विभागाध्यक्षों, अध्यापकों, गैर शैक्षणिक कर्मचारियों एवं छात्र छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
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