कौमी एकता सप्ताह- कौमी एकता भारतवर्ष की पहचान
राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा की सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड और जूनियर रेड क्रॉस ने प्राचार्या नीलम कौशिक की अध्यक्षता में एन एच पी सी के सहयोग से कौमी एकता मजबूत भारत की पहचान विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया। कम्यूनल हार्मनी अर्थात कौमी एकता कार्यक्रम कि शुरुआत करते हुए कार्यक्रम संयोजक, जे आर सी, एस जे ए बी प्रभारी अंग्रेजी प्रवक्ता रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि सांप्रदायिक सद्भाव हमारी ताकत और पहचान है हमारे दुश्मनों ने विभिन्न समुदायों में फूट डाल कर अलग थलग करने की लाख कोशिश की परन्तु वे अपने इरादों में कामयाब नही हो पाए। कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए जमां हमारा। सारे जहां से अ'छा हिंदोस्ता हमारा...। कौमी एकता कह लें या सांप्रदायिक सौहार्द्र बनाए रखने के लिए कौमी एकता सप्ताह और सार्वजनिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता की ताकत को मजबूत करने के लिए और बढ़ावा देने के लिये मनाया जाता है। रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि पूरे सप्ताह का समारोह पुरानी परंपराओं, संस्कृति और सहिष्णुता की कीमत और भाईचारे की भारतीय समाज में एक बहु-धार्मिक और बहु सांस्कृतिक धर्मों की पुष्टि करने के लिए सभी को एक नया अवसर प्रदान करता है। ये सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए भी देश में निहित शक्ति और लचीलेपन को उजागर करने में सहायता करता है। अंग्रेजी प्रवक्ता रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि कौमी एकता अर्थात अनेकता में एकता यही हमारे देश की पहचान है। भारतीय जीवन विविधतापूर्ण है। हमारा देश कौमी एकता का जीवन्त उदाहरण है। अनेक भाषायें बोलने वाले अनेक धर्मावलम्बी और 1&0 अरब से अधिक की जनसंख्या इस देश में बसती है। यह देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतन्त्रिक देश है।ऐसे विविधतापूर्ण देश के लिये कौमी एकता का महत्व और अधिक बढ जाता है। कौमी एकता को जीवन्तता प्रदान करने के लिये देश में कौमी एकता दिवस मनाये जाने की परम्परा प्रथम महिला प्रधानमन्त्री श्रीमती इंदिरा गांधी की जयन्ती 19 नवम्बर से प्रारम्भ हुई । भारत के जितने भी प्रघानमन्त्री हुए है,वे सभी प्रतिभा के धनी रहे है, लेकिन इंदिरा गांधी के रूप में देश को चुनौतीपूर्ण स्थितियों में प्रधानमन्त्री प्राप्त हुई, क्योंकि बतौर प्रधानमन्त्री उन्होने अनेक चुनौतियों का मुकाबला किया युद्ध हो, विपक्ष की खींचातानी हो, कूटनीति का अंतरराष्ट्रीय मामला रहा हो अथवा घरेलू हालात, हर मोर्चे पर वे हिम्मत से आगे बढ़ी। इस अवसर पर एन एच पी सी के सीनियर मैनेजर जावेद शेख और एसिस्टेंट इंजीनियर विवेक वर्मा ने ब'चों को राष्ट्रीय एकता मजबूत करने और आपसी सौहार्द, भाईचारे बनाए रख कर देश की प्रगति में बढ़ चढ़ कर योगदान करने के लिए कहा। आज सागर गुप्ता, राजेन्द्र यादव, प्रियांशी, मोहित, सौरभ, शालिनी, गौतम सिंह, त्रिलोकी, मनोज, केशव, सूरज और राहुल ने भी राष्ट्रीय एकता विषय पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत कर अनेकता में एकता - भारत की पहचान, सब को मंत्रमुग्ध कर दिया। एन एच पी सी के सीनियर मैनेजर जावेद शेख और एसिस्टेंट इंजीनियर विवेक वर्मा ने ब'चों के प्रस्तुतीकरण की सराहना की, मौके पर संजय शर्मा, विनोद बैंसला, सुनील नागर और राधेश्याम शर्मा भी उपस्थित रहे। रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने एन एच पी सी के सीनियर मैनेजर जावेद शेख और एसिस्टेंट इंजीनियर विवेक वर्मा का इस आयोजन में सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया। प्राचार्या नीलम कौशिक ने कौमी एकता सप्ताह मनाने के जूनियर रेडक्रास और सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड के शानदार प्रयासों की सराहना की।
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