होण्डा का राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा जागरुकता अभियान पहुंचा पलवल
(हृदयेश सिंह
2000 से अधिक कॉलेज छात्रों ने पलवल की सडक़ों को सुरक्षित बनाने की शपथ ली पलवल, 20 नवम्बर, 2019: आने वाले कल के लिए भारतीय सडक़ों को दुर्घटना मुक्त बनाने के प्रयासों में योगदान देते हुए होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इण्डिया प्रा लिमिटेड ने पलवल में अपने राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। अडवान्स इन्सटीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेन्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में 2000 से अधिक कॉलेज छात्रों को सडक़ सुरक्षा के बारे में जागरुक बनाया गया। तीन दिनों तक आयोजित होण्डा के राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा जागरुकता कार्यक्रम ने छात्रों को सडक़ सुरक्षा का महत्व समझने में मदद की, फिर चाहे वे सडक़ पर चलने वाले पैदल यात्री हों या दोपहिया चालक या चार-पहिया वाहन चलाने वाले। 11 महीने पहले इस सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर शुरूआत किए जाने के बाद होण्डा 2 व्हीलर्स इण्डिया 120 शहरों के 2.50 लाख से अधिक स्कूल एवं कॉलेज छात्रों को सडक़ सुरक्षा पर शिक्षित बना चुकी है। लोगों को सडक़ सुरक्षा के बारे में जागरुक बनाने की होण्डा की प्रतिबद्धता पर बात करते हुए श्री प्रभु नागराज-वाईस प्रेज़ीडेन्ट, ब्राण्ड एण्ड कम्युनिकेशन, होण्डा मोटरसाइकल एण्ड स्कूटर इण्डिया प्रा लिमिटेड ने कहा, ''सुरक्षा होण्डा की मुख्य प्राथमिकता है। परिवहन कारोबार से जुड़े जि़म्मेदार कॉर्पोरेट के रूप में हम समाज में सुरक्षित राइडिंग की आदतों को बढ़ावा देने के लिए सक्रियता से काम कर रहे हैं। हमारा राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा जागरुकता अभियान आज के युवाओं में बदलाव लाने और आने वाले कल को सुनिश्चित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। होण्डा में हमें खुशी है कि हम पलवल में 2000 से अधिक लोगों तक पहुंचे, जिन्होंने न केवल खुद सडक़ सुरक्षा की शपथ ली, बल्कि सुरक्षा दूत के रूप में इस संदेश को अपने परिवारों तक भी प्रसारित करेंगें।'' होण्डा के राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा जागरुकता प्रोग्राम ने निम्नलिखित गतिविधियों के माध्यम से लर्निंग को बेहद रोचक और वैज्ञानिक बना दिया:1. साइन्टिफिक रूप से तैयार किया गया लर्निंग मॉड्यूल: होण्डा के कुशल इंस्ट्रक्टर्स ने छात्रों के लिए थ्योरी सेशन आयोजित किए, जिनमें उन्हें सडक़ नियमों, यातायात संकेतों तथा सुरक्षित राइडिंग के लिए शिष्टाचार आदि के बारे में जानकारी दी गई। 2.इंटरैक्टिव वर्चुअल लर्निंग: बहुत से कॉलेज छात्र नए नए एवं भावी दोपहिया चालक होते हैं, कॉलेज छात्रों को सडक़ पर वाहन चलाने से पहले सडक़ के भावी खतरों के बारे में जानने का मौका मिला। एक वर्चुअल राइडिंग सिमुलेटर के ज़रिए छात्रों को भावी खतरों का अनुभव करने का मौका मिला।&. मौजूदा राइडरों के कौशल में सुधार: वे छात्र जो पहले से वाहन चलाते हैं, उन्हें स्लो राइडिंग गतिविधियों और संकरे पथ पर वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर उनके राइडिंग कौशल में सुधार किया गया 4. ड्रीम राइडिंग प्रोग्राम के साथ महिलाओं का सशक्तीकरण: होण्डा के सेफ्टी इंस्ट्रक्टर्स ने खास तौर पर महिलाओं के तैयार किए गए ड्रीम राइडिंग प्रोग्राम के तहत छात्राओं को मात्र 4 घण्टे के अंदर स्वतन्त्र रूप से दोपहिया वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाया गया। महिलाओं के लिए पेश किया गया यह प्रशिक्षण प्रोग्राम हर महिला को राइडिंग सिखाने के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण देता है, जो स्वतन्त्र रूप से दोपहिया वाहन चलाना सीखना चाहती है।5. लर्निंग बनी रोचक: छात्र सडक़ सुरक्षा के बारे में रोचक तरीकों से सीख सकें, इसके लिए होण्डा ने रोज़ाना कई रोचक शैक्षणिक गतिविधियों जैसे सुरक्षा क्विज़ और गेम्स आदि का आयोजन किया।सडक़ सुरक्षा के लिए होण्डा की सीएसआर प्रतिबद्धता:सामाजिक रूप से जि़म्मेदार कॉर्पोरेट के रूप में होण्डा सडक़ सुरक्षा जागरुकता में सक्रियता से योगदान दे रही है और टैऊफिक टेऊनिंग पार्क में विभिन्न गतिविधियों तथा स्कूलों, कॉलेजों, कॉर्पोरेट्स एवं सोसाइटियों में अपने नियमित जागरुकता शिविरों के माध्यम से हरियाणा में तकरीबन 72000 से अधिक लोगों को शिक्षित कर चुकी है। देश भर में होण्डा &0 लाख भारतीयों को सडक़ सुरक्षा पर जागरुक बना चुकी है। होण्डा के सुरक्षित राइडिंग एवं टेऊनिंग प्रोग्राम का आयोजन रोज़ाना देश भर में स्थित इसके 14 टैऊफिक पार्कों में किया जाता है जो दिल्ली ' 2, चण्डीगढ़, जयपुर, भुवनेश्वर, कटक, येओला, हैदराबाद, चेन्नई, लुधियाना, कोयम्बटूर, त्रिची, करनाल और ठाणे में हैं। होण्डा अपने 4 टैऊफिक पार्कों (करनाल, भुवनेश्वर, त्रिची और कोयम्बटूर) तथा & सेफ्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटरों (विजयवाड़ा, रांची एवं कोझीकोडे) में लर्नर लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले को प्रशिक्षण भी प्रदान कर रही है।
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